Skip to main content

Posts

Write the names of any four sexually transmitted diseases?

Question: Write the names of any four sexually transmitted diseases? 1.) Sexually transmitted disease Gonorrhea (Gonorrhea) - Bacterial woman named Gonoria rapidly infects. It is the main in sexually transmitted disease which is more than oral sex. There is a problem of pain swelling due to infection. Due to disorder Gonoria it is also called sujac. This throat, eyes, uterus, anal, can spread in the urethra. If Nir aria Gonoria spreads into the blood then the person can see the marks of fever and skin injury. 2.) Transmitted Disease HVP (Human Papillomavirus) - HPV is a sexually transmitted infection that can be both male and female. When the HPV begins to be infected, then the person starts becoming a mass. Apart from this, there is a problem in hand and Pero which causes stress. HPV infections especially due to sexual intercourse, it starts to spread in another skin. Apart from this, the touch of genitalo starts spreading in other skin parts. Many times the male does not know when it
Recent posts

डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें? Distance learning se graduation kaise krein

सवाल: डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें? कई बार आपके किसी कार्य करने के कारण आप सही से ग्रेजुएट नहीं कर पाते हैं, तो इसलिए सरकार ने डिस्टेंस लर्निंग ग्रेजुएशन की व्यवस्था की है। जिसमें कि व्यक्ति ऑनलाइन भी पढ़कर ग्रेजुएट हो सकता है, या फिर वह विषय के घर पर ही तैयारी कर कर केवल एग्जाम देने के लिए कॉलेज जाए, तो ऐसे पढ़ाई को और ऐसे ऐसे ग्रेजुएशन को हम डिस्टेंस ग्रेजुएशन या डिस्टेंस लर्निंग कहते हैं। इससे आप B.Ed, l.l.b. जैसे कई बड़ी ग्रेजुएशन को आसानी से कर सकते हैं।

Describe a positive change in your life?

Image Credit: Pixabay💗 Query: Describe a Positive change in your life? Definition of positive change: Before describing the positive change in my life, let me tell you what is the definition of positive change? That is, a positive change means a change that is meaningful for the present and future of the organism, nature and environment, as well as being able to establish harmonious harmony in all three. Change is inevitable. It is not enough to just change, but along with the change our humanity, morality and materiality must move forward as a whole. Expansion: The positive change I achieved:  During my studies, I lived with and under their shadow a lot of negative things, which was very enjoyable and sad. It was sad because I had become accustomed to negative things, habits, my age was over twenty, family members also asked to do job. I got married when my family members did not see improvement. But when everyone was unable to convince me, I started talking to myself, going in front

अनुगमन वेग एवं धारा में संबंध स्थापित कीजिए? Anugaman veg evam dhara mein sambndh sthapit kijiye

rbsesolutiom .com सवाल;   अनुगमन वेग एवं धारा में संबंध स्थापित कीजिए? अनुगमन वेग एवं धारा के संबंध को स्थापित करने के लिए हम ओम के नियम के द्वारा अभिव्यक्त कर सकते हैं। अनुगमन वेग उस वेग को कहते हैं, जिसमें की इलेक्ट्रॉन प्राप्त होते हैं, वह मुक्त इलेक्ट्रॉन को तार की लंबाई के अनुदिश उच्च विभाव वाले सिरे की और गति के लिए प्रेरित करता हैं। धारा का मतलब होता है, किसी निश्चित दिशा की और प्रभावित होना। हम अनुगमन वेग और धारा के बीच में संबंध स्थापित करने के लिए ओम के नियम सबसे आधारभूत रूप हैं। जोकि ओम का नियम Vd = uE है जिसमें कि Vd वेग और u पंदार्थ में इलेक्ट्रॉन की गतिशीलता को दर्शाता है। E विद्युत क्षेत्र को दर्शाता है।  

ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत उदाहरण सहित लिखिए? Urja sanrakshan ka siddhant udaharan sahit likhiye

abistudy.com सवाल;  ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत उदाहरण सहित लिखिए? ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार, उर्जा को ना तो पैदा किया जा सकता है, ना ही नष्ट किया जा सकता है, उसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। जैसे कि कोई गतिज ऊर्जा को हम स्थितिज ऊर्जा में बदल सकते हैं। कोई विद्युत ऊर्जा को उसमें ऊर्जा में बदलना जा सकता है। उदाहरण से माने तो जैसे कि हम कोई खाना खाते हैं, तो हमें ऊर्जा प्राप्त होती हैं, हम इस ऊर्जा का प्रयोग अपने कार्य करने के रूप में करते हैं। जिसमें जिससे कि खाने में उपस्थित ऊर्जा हमारे शरीर के कार्यों में परिवर्तित हो जाती हैं। ऊर्जा को नष्ट किया जा सकता है, नहीं पैदा किया जा सकता है।

एक समान वृत्तीय गति के लिए अभिकेंद्रीय त्वरण का व्यंजक ज्ञात कीजिए? Ek samaan vrtteey gati ke lie abhikendreey tvaran ka vyanjak gyaat keejie

assignmentpoint.com सवाल:  एक समान वृत्तीय गति के लिए अभिकेंद्रीय त्वरण का व्यंजक ज्ञात कीजिए? यदि कोई वस्तु या समान एक निश्चित वृत्तीय गति कर रहा है, तो उसके अभिकेंद्रीय त्वरण का व्यंजक ज्ञात कर सकते हैं। वह अभिकेंद्रीय त्वरण के लिए अभिकेंद्रीय बल का सूत्र f=mv2/r होता है। जिसमें की m उस द्रव्यमान या पिंड को दर्शाता है v से r की त्रिज्या का वर्तमान पर चल रहे वस्तु के मार्ग है। हम के द्वारा किसी भी वस्तु जो गोलाकार यानी एक वृत्त में गतिशील हैं, तो हम इसके अभी केंद्रीय बल का व्यंजक इसके द्वारा ज्ञात कर सकते हैं।